Cafe Reminiscence

ज�गनी मेल मेल के कूद फांद के चक�क चकौटे जावे : HIGHWAY

Splendid  ! Imtiyaz Ali has proved again , that his movies are worth waiting , I or We were eagerly waiting for his next movie after Rockstar , & we were sure that there must be something in it to look for , just amazed to see A journey called “HIGHWAY” ,a Signature I Ali movie with large Canvas ,it is about finding yourself , listen to your heart , there is something more beyond comfort of your home , Experience it , where destination is not known , companions are not known. No matter who you are , how strong you may be , but everyone is having a child within , keep him/her alive , listen to him .
Alia as Veera & Randeep as Mahavir power pack  performances make this an unforgettable journey , which will not let you sleep comfortably atleast for few dayz, as rightly said by Javed Akthar , I too had similar experience , movie is getting played over n over again in my sub conscious mind .Amazing.
Cinematography & music is gr8 . I did not find  folk song by a Rajasthani group in Mp3/CD, searching now.

My answer is also Pahad/Mountain , specially along with the River , as compared to the Sea.Shot beautifully .

I am now a hardcore fan of Irshad Kamil after Rockstar , Cocktail, YJHD ,LAK , JWM  etc. etc….Just read lyricists ( sourced from net) too complicated , but so sweet , Patakha Guddi is like essence of the whole movie and defined Alia’s character & Soha Saha  did same for Mahavir , who keeps on reminiscing about  his mother , some good , also bad.

तू ले नाम रब का नाम साईं का, अली अली अली अली
नाम रब का नाम साईं का, अली अली अली अली (४)
 à¤®à¤¿à¤Ÿà¥�ठे पान की गिलà¥�लोरी लटà¥�ठा सूट का लाहोरी फटà¥�टे मारती फिलà¥�लौरी
ज�गनी मेल मेल के कूद फंड के चक�क चकौड़े जावे
 à¤®à¥Œà¤²à¤¾ तेरा माली ओ हरियाली जंगले वाली तू दे हर गाली पे ताली
उसकी कदम कदम रखवाली �ंवे लोक लाज की सोच सोच के
क�यू� है आफत डाली तू ले नाम रब का नाम साईं का,
अली अली अली अली नाम रब का नाम साईं का,
अली अली अली अली शर�फ़ ख�दा का ज़र�फ़ ख�दा का,
अली अली अली अली शर�फ़ ख�दा का ज़र�फ़ ख�दा का,
अली अली अली अली अली हो अली आ अली
ओरे चली चली चली चली ओ अली अली तेरी गली वोह तोह चली
अली अली तेरी गली चली ओ ओ ज�गनी हो पटाखा ग�ड�डी हो
नशे में उड़ जा� रे हाय रे सज�जे खब�बे धब�बे किल�ली हो पटाखा ग�ड�डी ओ
नशे में उड़ जा� रे हाय रे सज�जे खब�बे धब�बे
किल�ली हो कांच कंवारी शर�म उतारी चार पे भारी
लागे होके तेज़ कटारी आगे चली चली कांच कंवारी शर�म उतारी चार पे भारी
लगे जा� भाड़ में द�निया दारी वोह तोह चली चली चली
अली ओ अली अली अली अली अली अली अली अली
अली अली अली अली अली अली अली अली ओ अली
अली ओ अली अली अली अली अली अली अली
 à¤¤à¥‚ ले नाम रब का नाम साईं का, अली अली अली अली नाम रब का नाम साईं का,
अली अली अली अली (3) अली अली अली अली
 à¤œà¥�गनी रà¥�ख पीपल दा होई जिस नà¥� पूजता हर कोई
जिसदी फसल किसी न बोई घर भी रख सके न कोई रास�ता नाप रही मरजानी
पट�ठी बारिश का है पानी जब नज़दीक जहां दे आनी ज�गनी मैली सी हो जानी
 à¤¤à¥‚ ले नाम रब का नाम साईं का,
अली अली अली अली नाम रब का नाम साईं का,
अली अली अली अली शर�फ़ ख�दा का ज़र�फ़ ख�दा का,
अली अली अली अली शर�फ़ ख�दा का ज़र�फ़ ख�दा का,
अली अली अली अली साईं रे
मेरे साइयां मैंने तोह तेरे तेरे उत�ते छ�ड�डिया� छाद�दिया� डोरिया�
मैंने तोह तेरे तेरे उत�ते छ�ड�डिया� डोरिया�
मैंने तोह तेरे तेरे उत�ते छ�ड�डिया� डोरिया�
मैंने तोह तेरे तेरे उत�ते छ�ड�डिया� डोरिया� ओ ओ
 à¤®à¥ˆà¤‚ने तोह तेरे तेरे उतà¥�ते छà¥�डà¥�डियाà¤� डोरियाà¤�
मैंने तोह तेरे तेरे उत�ते छ�ड�डिया� डोरिया�

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