Cafe Reminiscence

Hindi Story Poem

हरे का�च की चूड़िया�

हरे का�च की चूड़िया�

Pic by PD उस दिन कà¥�छ कागजात ढूंढते हà¥�à¤� वो पà¥�राना लकडी का बकà¥�सा मिला , खोला तो उसमे दो काà¤�च की चूड़ियो के टà¥�कड़े मिले हरे काà¤�च की , तो सब काम छोड़ कर बस बकà¥�सा लेकर बैठ गया…

परिंदे

कई दिन हो गà¤� परिंदों के feeder में दाना नहीं डालाशोर भी नहीं हो रहा नहीं तो वो सà¥�बह से लेकर शाम तक शोर मचाते रहते थेघर पर सब कहते थे की कितना शोर मचाते हैं कई बार सà¥�बह सà¥�बह…

कशमकश

कशमकश

आखिर अरूंधति ने पूछ ही लिया की कà¥�या बात है कà¥�छ खोयी हà¥�ई हो , हà¥�आ यूà¤� की आशà¥�विन अपने à¤�क दोसà¥�त और उसकी वाइफ अरूंधति जो मेरी भी अचà¥�छी  à¤¦à¥‹à¤¸à¥�त है के साथ हम यहाà¤� हिल सà¥�टेशन पर घूमने…

सपना : Dream

à¤�क   सपना  à¤œà¤¨à¥�मà¥� ले  à¤°à¤¹à¤¾  à¤¹à¥‡  ,  à¤¬à¤°à¤¸à¥‹à¤‚  à¤¤à¤•  à¤•à¤¹à¥€à¤‚  à¤¦à¤¬à¤¾  à¤ªà¥œà¤¾  à¤¥à¤¾  , बीच  à¤¬à¥€à¤š  à¤®à¥‡à¤‚  à¤•à¤­à¥€  à¤•à¤­à¤¾à¤°  à¤¬à¤¾à¤¹à¤°  à¤†à¤¤à¤¾  à¤¥à¤¾   लेकिन  à¤«à¤¿à¤°  à¤•à¤¹à¥€à¤‚  à¤–ो  à¤œà¤¾à¤¤à¤¾  à¤¥à¤¾ .सपने  à¤®à¥‡à¤‚  à¤ªà¤¾à¤¨à¥€  à¤¹à¥ˆ  à¤¹à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤²à¥€  à¤¹à¥ˆ   बड़े बड़े  à¤¦à¤°à¥™à¥�त…

Soch

रात भर सरà¥�द हवाà¤�ं चलती रहीं , तेज बारिश हà¥�ई ,कà¥�छ तो नासाज़ तबियत ने कà¥�छ तेज बारिश की आवाज ने सोने नहीं दिया , खिडकियों के खरखराने की आवाजें भी आती रहीं . वो रात भर टूटी खपरेल के…

254

काफी अरसे के  à¤¬à¤¾à¤¦ जाना हà¥�आ २५४ में , साफ़ सà¥�थरा सा लगा , हरियाली हे लेकिन वो २ आम के  , अमरà¥�द और नींबू के पेड़ अब नहीं रहे , दोपहर ,में गली के बचà¥�चे पतà¥�थर फेंकते होंगे ,बहà¥�त…

कैसी हो तà¥�म …….

धà¥�नà¥�दला सा याद हे चेहरा ,किसी नेटवरà¥�क साईट  à¤ªà¤° पिकà¥�चर देखी थी कà¥�छ समय पहले , सà¥�नà¥�दर सी थी , शायद पहले से जà¥�यादा , , लेकिन आà¤�खों के भाव समज नहीं आये , खà¥�श , उदास ,कोशिश तो करी…

शाम से आज आ�खों में नमी सी है

मà¥�जà¥�हे उसकी पà¥�रोफाइल pic अचछी लगी तो मेने यूà¤� ही कहा की à¤�क बस आà¤�खों की तसà¥�वीर भेज दो , कà¥�योंकि उसमे मेने नमी देखी , इतनी कम उमà¥�र में पानी , वो भी हमेशा ? उसने कहा दूसरी कà¥�यों…