Cafe Reminiscence

Rishtey

कंचे :(Marbles)

Poem or short story ??  : Whatever … धà¥�नà¥�दला सा याद हे वो लड़का पतला दà¥�बला सा था , उसके बाल हमेशा सामने रहते थे , शायद कंघी करने की जरूरत ही नहीं थी या वो करता होगा लेकिन वो…

Reversible

रिशà¥�ते और समय à¤…गर reversible  à¤¹à¥‹à¤¤à¥‡ , तो मैं reverse कर देता कई रिशà¥�तों को ,कई पलों को , समेट कर रख लेता कईओं को , जो चले गà¤� , छूट गà¤� , रोक लेता उनà¥�हें उस वक़à¥�त या reverse कर…

रेत

सोचा  à¤¥à¤¾  à¤®à¥�टà¥�ठी  à¤®à¥‡à¤‚  à¤•à¥�छ  à¤¯à¤¾à¤¦à¥‹à¤‚  à¤•à¥‹  à¤²à¥‡   कर  à¤•à¥�छ  à¤¦à¥‚र  à¤šà¤²à¥‚à¤�थोड़ी दूर चल कर देखा  à¤¤à¥‹ पाया वो सब कब हाथों से फिसल गà¤� जैसे की मà¥�टà¥�ठी से रेत , à¤•à¥€ पता ही नहीं चला .रह गया फिर वो…